Naseerabad And Nimach Mein Kranti|नसीराबाद और नीमच में 1857 की क्रांति

Naseerabad Mein Kranti (नसीराबाद में क्रांति)

राजस्थान में क्रांति का सूत्रपात नसीराबाद से हुआ। इसके निम्न कारण रहे हैं

Naseerabad And Nimach Mein Kranti

1. उस समय नसीराबाद में 15 वीं और 30 वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री, भारतीय तोपखाने की सैनिक टुकड़ी तथा पहली बम्बई लासर्स के सैनिक विद्यमान थे। मेरठ विद्रोह की सूचना से 15वीं नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने सोचा कि यह सारी कार्रवाई भारतीय सैनिकों को कुचलने के लिए की गई है तथा तोपें भी उनके विरुद्ध प्रयोग करने के लिए तैयार की गई है। अतः उनमें विद्रोह की भावना जाग्रत हो गई।

2. 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की एक टुकड़ी काफी समय से अजमेर शस्त्रागार की रक्षा कर रही थी। संदेह के कारण उसे वहां से नसीराबाद भेज दिया। इससे सैनिकों के मन में यह धारणा बन गई कि उन पर अविश्वास किया जा रहा है। अतः वे ब्रिटिश अधिकारियों से नाराज हो गए।

3. इन दिनों बाजारों और छावनियों में बंगाल और दिल्ली के संदेशवाहक साधू और फकीरों के वेश में राजस्थान आए और उन्होंने चर्बी वाले कारतूसों के विरुद्ध प्रचार कर विद्रोह का संदेश प्रचारित किया।भारतीय सैनिकों ने सोचा कि अंग्रेज उन्हें धोखे से ईसाई बनाना चाहते हैं। इस धार्मिक भावना के कारण भी उत्तेजना फैली।

4. भारतीय सैनिकों पर नियंत्रण रखने के लिए बाहर से यूरोपियन सेना और कुछ तोपें मंगवाई गई। इस तथ्य को गुप्त रखा गया था और बाद में जब यह बात प्रकट हो गई, तो सेना में उत्तेजना फैल गई।

इन्हीं कारणों से 28 मई, 1857 ई. को 15वीं बटालियन नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने तोपखाने पर अधिकार कर लिया। सारी छावनी में भगदड़ मच गई। सैनिकों ने शस्त्रागार लूट लिया। अंग्रेज सैनिक अधिकारियों मेजर स्पोटिसवुड और कर्नल न्यू बारी की हत्या कर दी गई।

लेफ्टिनेंट लॉक तथा कप्तान हार्डी घायल हो गए। अंग्रेज अधिकारियों ने नसीराबाद से भागकर ब्यावर में शरण ली। चर्च और अधिकारियों के बंगले में आग लगा दी गई। खजाने की तिजोरिया तोड़ दी गई पर इन विद्रोही सैनिकों ने 4 ब्रिटिश अधिकारियों के अलावा रक्त की एक बूंद भी नहीं बहाई।

छावनी को तहस-नहस करने के बाद विप्लवी सैनिकों ने अविलम्ब दिल्ली की ओर प्रस्थान किया। 18 जून, 1857 ई. को विप्लवी दिल्ली पहुंच गए और दिल्ली में डेरा डाले अंग्रेजी पलटन पर पीछे से आक्रमण किया, जिसमें अंग्रेज परास्त हुए ।

Leave a Comment