Devnarayan Scooty Yojana Final Merit List 2026: फाइनल लिस्ट जारी 4240 छात्राओं स्कूटी, बाकी सबको प्रोत्साहन राशि
देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना 2025-26 की अंतिम वरीयता सूची जारी। वरीयता क्रमांक 1 से 4240 तक स्कूटी/ई-रूपी वाउचर, शेष छात्राओं को प्रोत्साहन राशि। 165 पेज की लिस्ट में नाम कैसे खोजें पूरी जानकारी।
165 पेज।
जब आप वो PDF खोलेंगी, तो सबसे पहले यही दिखेगा। एक सौ पैंसठ पेज की लिस्ट, हज़ारों नाम, और उसमें कहीं आपका नाम।
और फिर वही धड़कन बढ़ने लगती है। स्क्रॉल करते-करते आंखें थक जाती हैं। कोई पेज दो बार पढ़ लिया जाता है, कोई छूट जाता है। आधे घंटे बाद भी पक्का नहीं होता कि नाम है या नहीं।
रुकिए। स्क्रॉल करना बंद कीजिए।
मैंने पूरा सरकारी आदेश खुद पढ़ा है आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर का जारी किया हुआ। और उसमें सबसे नीचे एक लाइन लिखी है जो आपकी पूरी चिंता का जवाब है। वो लाइन ज़्यादातर वेबसाइट्स ने आपको बताई ही नहीं।
पहले वो लाइन बताता हूं। फिर नाम खोजने का आसान तरीका।
सबसे पहले: लिस्ट सच में जारी हो गई है
पुष्टि हो गई है। आदेश का विषय ही यही है —
“देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना वर्ष 2025-26 के लिए पात्र छात्राओं की अंतिम वरीयता सूची।”
यानी ये अंतरिम या अस्थायी सूची नहीं है। यह अंतिम वरीयता सूची है।
आदेश आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर (Block-4, RKS संकुल, JLN रोड, जयपुर) से जारी हुआ है, और इसका क्रमांक F23(80)(2)accts./cce/devnarayn scooty & incentive/2026-27/26333-9747221 है।
आदेश में लिखा है कि सूची विभागीय वेबसाइट https://hte.rajasthan.gov.in/ पर देखी जा सकती है।
कैसे यहां तक पहुंचा मामला: आदेश के मुताबिक कॉलेजों और जिला नोडल अधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर 30.06.2026 को संशोधित अंतरिम वरीयता सूची जारी की गई थी, और छात्राओं से 06.07.2026 तक आपत्तियां मांगी गई थीं। प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद अब यह अंतिम वरीयता सूची जारी की गई है।
तो अगर आपने जुलाई की शुरुआत में आपत्ति दर्ज करवाई थी इस लिस्ट में उसका असर दिख सकता है। ज़रूर देखिए।
अब वो लाइन, जो सबसे ज़रूरी है
आदेश के आखिर में साफ शब्दों में लिखा है:
“नोट :– वरीयता क्रमांक 1 से 4240 तक की छात्राओं को स्कूटी/ई-रूपी वाउचर एवं शेष छात्राओं को नियमानुसार प्रोत्साहन राशि देय होगी।”
इस एक लाइन को दो-तीन बार पढ़िए, क्योंकि इसमें आपके सवाल का पूरा जवाब है।
मतलब क्या निकला?
अगर आपकी वरीयता 1 से 4240 के बीच है — आपको स्कूटी मिलेगी, या ई-रूपी वाउचर।
अगर आपकी वरीयता 4240 से नीचे है — आपको खाली हाथ नहीं लौटना है। नियमानुसार प्रोत्साहन राशि देय होगी।
ये समझिए कि ये कितनी बड़ी बात है। ज़्यादातर वेबसाइट्स आपको बस “लिस्ट में नाम देखो” बताकर छोड़ देती हैं। लड़की का नाम 4240 के बाद आया, तो वो मान लेती है कि कुछ नहीं मिला, और वहीं बात खत्म हो जाती है।
लेकिन सरकारी आदेश में लिखा है कि शेष छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देय होगी। ये आपका हक है, अनुमान नहीं।
तो लिस्ट में नाम देखते समय दो चीज़ें देखिए — नाम है या नहीं, और वरीयता क्रमांक क्या है। दूसरी बात पहली से भी ज़्यादा ज़रूरी है।
एक और बड़ी बात: “ई-रूपी वाउचर”
आदेश में स्कूटी के साथ ई-रूपी वाउचर का विकल्प साफ लिखा है।
अब यहां एक भ्रम दूर कर देता हूं, क्योंकि इंटरनेट पर इसे लेकर बहुत गलत जानकारी घूम रही है।
कई वेबसाइट्स लिख रही हैं कि “अब स्कूटी नहीं, सीधे खाते में ₹70,000 आएंगे।” इस आदेश में ₹70,000 का कोई ज़िक्र नहीं है। जो लिखा है, वो “स्कूटी/ई-रूपी वाउचर” है।
ई-रूपी सरकार की डिजिटल वाउचर व्यवस्था है — एक तय राशि का वाउचर, जो तय काम के लिए भुनाया जाता है। ये नकद खाते में आने वाली रकम से अलग चीज़ है।
वाउचर की राशि, और वो कहां भुनाया जाएगा — ये इस आदेश में नहीं बताया गया है। इसलिए मैं आपके सामने कोई आंकड़ा नहीं गढ़ूंगा।
[VERIFY] — ई-रूपी वाउचर की राशि और उपयोग की प्रक्रिया अपने कॉलेज या विभागीय दिशा-निर्देश से पुष्टि करें।
165 पेज की PDF में नाम कैसे खोजें (स्क्रॉल मत कीजिए)
अब वो तरीका, जिससे दो मिनट में काम हो जाएगा।
अगर लैपटॉप या कंप्यूटर पर हैं:
- PDF खोलिए
- Ctrl + F दबाइए (Mac पर Command + F)
- एक छोटा सर्च बॉक्स खुलेगा
- उसमें अपना नाम या आवेदन संख्या टाइप कीजिए
- Enter दबाइए — सीधे उस पेज पर पहुंच जाएंगी
अगर मोबाइल पर हैं:
PDF को Chrome या किसी PDF रीडर ऐप में खोलिए। ऊपर तीन डॉट वाले मेनू में “Find in page” या खोज का विकल्प मिलेगा। वहीं नाम डालिए।
एक ज़रूरी सलाह: नाम की स्पेलिंग को लेकर सतर्क रहिए। लिस्ट में नाम अंग्रेज़ी में हो सकता है। “Priyanka” और “Priyanka Devi” में फर्क है। सबसे भरोसेमंद तरीका है आवेदन संख्या से खोजना — वो एक ही होती है, स्पेलिंग का झंझट नहीं।
अगर नाम से न मिले, तो पिता के नाम या कॉलेज के नाम से खोज कर देखिए।
नाम आ गया? अब ये अगला कदम मत भूलिए
ये हिस्सा सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किया जाता है, और यहीं चूक हो जाती है।
आदेश में संबंधित प्राचार्य और जिला नोडल अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया है कि वरीयता सूची के अनुसार छात्रा के प्राप्तांक प्रतिशत का सीनियर सैकण्डरी की मूल अंकतालिका और अन्य वांछित मूल दस्तावेजों से मिलान किया जाना सुनिश्चित करें।
सीधी भाषा में — आपको अपने मूल दस्तावेज़ लेकर कॉलेज जाना पड़ेगा, और सत्यापन करवाना पड़ेगा।
लिस्ट में नाम आ जाना आखिरी पड़ाव नहीं है। अगर सत्यापन में प्रतिशत या दस्तावेज़ मेल नहीं खाए, तो मामला अटक सकता है।
अभी क्या करें: 12वीं की मूल अंकतालिका, और बाकी मूल दस्तावेज़ एक फाइल में तैयार रखिए। कॉलेज से पूछिए कि सत्यापन कब और कहां होना है। इंतज़ार मत कीजिए कि कोई बुलाएगा — खुद जाकर पूछिए।
और अब एक चेतावनी, जो सरकारी आदेश में ही लिखी है
ये बात हल्के में मत लीजिए। आदेश में एक पूरा पैराग्राफ इसी पर है।
लिखा है कि अगर किसी छात्रा ने कोई जानकारी छिपाकर योजना का लाभ लिया है — जैसे माता-पिता या अभिभावक की आय, या ये तथ्य कि अभिभावक केंद्रीय कर्मचारी, राज्य कर्मचारी, राजकीय उपक्रम, निगम, बोर्ड या वित्तपोषित संस्था के कर्मचारी हैं जिनके द्वारा फॉर्म नंबर 16 या आयकर विवरणी प्रस्तुत नहीं की गई — और आवेदन पत्र में असत्य जानकारी अंकित की गई है, तो लाभ मिलने के बाद भी, जब स्वीकृतकर्ता अधिकारी को गलत तथ्यों की जानकारी मिलेगी, तो संबंधित छात्रा और अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
मैं ये डराने के लिए नहीं लिख रहा। मैं इसलिए लिख रहा हूं कि बहुत परिवारों में ये सोचकर आय कम लिखवा दी जाती है कि “सब करते हैं, कुछ नहीं होता।”
अब सरकार ने लिखित में कह दिया है कि लाभ मिलने के बाद भी जांच हो सकती है और कार्यवाही हो सकती है। जो सही है, वही भरिए।
पूरी टाइमलाइन एक नज़र में
| चरण | तारीख |
|---|---|
| संशोधित अंतरिम वरीयता सूची जारी | 30.06.2026 |
| आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि | 06.07.2026 |
| आपत्तियों का निराकरण | पूर्ण |
| अंतिम वरीयता सूची जारी | अब जारी |
| मूल दस्तावेज़ सत्यापन | कॉलेज स्तर पर — अपने कॉलेज से पूछें |
सावधान: फर्जी वेबसाइट और झूठे दावे
लिस्ट जारी होते ही WhatsApp पर लिंक आना शुरू हो जाएंगे। चार बातें याद रखिए:
एक — असली लिस्ट सिर्फ hte.rajasthan.gov.in पर है। पता .gov.in पर खत्म होना चाहिए।
दो — “₹70,000 सीधे खाते में” जैसे दावों पर भरोसा मत कीजिए। सरकारी आदेश में “स्कूटी/ई-रूपी वाउचर” लिखा है, कोई रकम नहीं।
तीन — कोई भी आपका नाम लिस्ट में नहीं जुड़वा सकता। जो ऐसा कहे, वो पैसे लेकर भागने वाला है।
चार — इस योजना में आवेदन या लिस्ट देखने की कोई फीस नहीं है। एक रुपया नहीं।
आखिर में
अगर आपका नाम 4240 के अंदर आया है — दिल से बधाई। मूल दस्तावेज़ लेकर कॉलेज जाइए और सत्यापन करवा लीजिए। देर मत कीजिए।
और अगर वरीयता 4240 के बाद है — तो आदेश की वो लाइन दोबारा पढ़िए। “शेष छात्राओं को नियमानुसार प्रोत्साहन राशि देय होगी।” आपके लिए भी कुछ है। कॉलेज में जाकर प्रोत्साहन राशि के बारे में पूछिए, और ये आदेश दिखाइए अगर कोई कहे कि “कुछ नहीं मिलेगा।”
यही वजह है कि पूरा आदेश पढ़ना ज़रूरी होता है, सिर्फ हेडलाइन नहीं।
ये जानकारी अपनी हर उस सहेली तक पहुंचाइए जिसने इस योजना में आवेदन किया था। खासकर उन तक, जिनका नाम 4240 के बाद आया है — क्योंकि उन्हें ही सबसे ज़्यादा ज़रूरत है ये जानने की कि उनका हक अभी बाकी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. Devnarayan Scooty Yojana Final Merit List 2026 जारी हो गई है? हां। आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए पात्र छात्राओं की अंतिम वरीयता सूची जारी की गई है, जो hte.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है।
Q. लिस्ट में नाम है लेकिन वरीयता 4240 से ज़्यादा है, तो क्या मिलेगा? आदेश के अनुसार वरीयता क्रमांक 1 से 4240 तक की छात्राओं को स्कूटी/ई-रूपी वाउचर मिलेगा, और शेष छात्राओं को नियमानुसार प्रोत्साहन राशि देय होगी।
Q. क्या अब स्कूटी की जगह ₹70,000 मिलेंगे? इस आदेश में ₹70,000 का कोई उल्लेख नहीं है। आदेश में “स्कूटी/ई-रूपी वाउचर” लिखा है। किसी भी राशि के दावे की पुष्टि आधिकारिक दिशा-निर्देश से करें।
Q. 165 पेज की लिस्ट में नाम कैसे खोजें? PDF खोलकर Ctrl+F (मोबाइल पर “Find in page”) दबाकर अपना नाम या आवेदन संख्या टाइप करें। आवेदन संख्या से खोजना सबसे भरोसेमंद है।
Q. नाम आने के बाद क्या करना है? आदेश के अनुसार प्राचार्य/जिला नोडल अधिकारी द्वारा सीनियर सैकण्डरी की मूल अंकतालिका और अन्य मूल दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। मूल दस्तावेज़ लेकर कॉलेज में सत्यापन करवाएं।
Q. आपत्ति दर्ज करने की तारीख निकल गई है? हां, संशोधित अंतरिम सूची पर आपत्तियां 06.07.2026 तक मांगी गई थीं। अब अंतिम सूची जारी हो चुकी है।
Q. गलत जानकारी देने पर क्या होगा? आदेश में साफ लिखा है कि आय या अभिभावक की सेवा से जुड़ी जानकारी छिपाकर लाभ लेने पर, लाभ मिलने के बाद भी छात्रा और अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
यह लेख आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (क्रमांक F23(80)(2)accts./cce/devnarayn scooty & incentive/2026-27) पर आधारित है। ई-रूपी वाउचर की राशि तथा प्रोत्साहन राशि की दर आदेश में उल्लिखित नहीं है — इसकी पुष्टि अपने कॉलेज या विभागीय दिशा-निर्देश से करें। अंतिम वरीयता सूची: https://hte.rajasthan.gov.in/
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